कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| जर्जरी वार्धक्य माझे | तिमा | 0 | |
| जर्जरी वार्धक्य माझे | तिमा | 21 | |
| घरात जरा उदासच वाटलं | अन्नू | 0 | |
| घरात जरा उदासच वाटलं | अन्नू | 6 | |
| पुण्यात जरा ऊदासच वाटलं | जव्हेरगंज | 0 | |
| पुण्यात जरा ऊदासच वाटलं | जव्हेरगंज | 33 | |
| अहो मानवी बाईजी, अहो मानवी रावजी | माहितगार | 0 | |
| अहो मानवी बाईजी, अहो मानवी रावजी | माहितगार | 5 | |
| चारोळी: गैरसमजांशी वैर! | निमिष सोनार | 0 | |
| चारोळी: गैरसमजांशी वैर! | निमिष सोनार | 1 | |
| तहान | अज्ञात | 0 | |
| तहान | अज्ञात | 12 | |
| स्त्री - काल आणि आज | विवेकपटाईत | 0 | |
| स्त्री - काल आणि आज | विवेकपटाईत | 13 | |
| विरजनातली साय | पालीचा खंडोबा १ | 0 | |
| विरजनातली साय | पालीचा खंडोबा १ | 2 | |
| चाफा | शिव कन्या | 0 | |
| चाफा | शिव कन्या | 18 | |
| काम दाखव फेकू... | तर्राट जोकर | 15 | |
| काम दाखव फेकू... | तर्राट जोकर | 0 |