कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| आता मला वाटते भिती | राजेंद्र देवी | 0 | |
| आता मला वाटते भिती | राजेंद्र देवी | 3 | |
| आता मला वाटते भिती | राजेंद्र देवी | 0 | |
| आता मला वाटते भिती | राजेंद्र देवी | 0 | |
| एकेकाचे जगणे | पथिक | 0 | |
| एकेकाचे जगणे | पथिक | 7 | |
| रात्रीस खेळ चाले.... | राजेंद्र देवी | 0 | |
| रात्रीस खेळ चाले.... | राजेंद्र देवी | 12 | |
| जाणिवांच्या जखमा | महेश रा. कोळी | 0 | |
| जाणिवांच्या जखमा | महेश रा. कोळी | 6 | |
| गुडगांव | स्वामी संकेतानंद | 0 | |
| गुडगांव | स्वामी संकेतानंद | 20 | |
| गुडगांव | स्वामी संकेतानंद | 0 | |
| गुडगांव | स्वामी संकेतानंद | 4 | |
| मी एकटी .... | राजेंद्र देवी | 0 | |
| मी एकटी .... | राजेंद्र देवी | 6 | |
| यार देवदार | पथिक | 0 | |
| यार देवदार | पथिक | 7 | |
| हे बुद्धिच्या ईशा | फुंटी | 2 | |
| हे बुद्धिच्या ईशा | फुंटी | 0 |