कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| गजलांकित प्रतिष्ठान | माहितगार | 0 | |
| गजलांकित प्रतिष्ठान | माहितगार | 0 | |
| प्रेम | पराग देशमुख | 0 | |
| प्रेम | पराग देशमुख | 0 | |
| १०० नंबरी प्रेम | अॅस्ट्रोनाट विनय | 0 | |
| १०० नंबरी प्रेम | अॅस्ट्रोनाट विनय | 14 | |
| माझी एक गोची होते | अनन्त्_यात्री | 0 | |
| माझी एक गोची होते | अनन्त्_यात्री | 16 | |
| तूच तू... | ज्योति अळवणी | 0 | |
| तूच तू... | ज्योति अळवणी | 7 | |
| त्या आतल्या द्युतीला | अनन्त्_यात्री | 5 | |
| त्या आतल्या द्युतीला | अनन्त्_यात्री | 0 | |
| शांत अता या गाजा होणे नाही .. | drsunilahirrao | 0 | |
| शांत अता या गाजा होणे नाही .. | drsunilahirrao | 6 | |
| बोल नुपूरांचे | चांदणशेला | 0 | |
| बोल नुपूरांचे | चांदणशेला | 2 | |
| तुझ्या अंतरीची (चारोळी) | पराग देशमुख | 0 | |
| तुझ्या अंतरीची (चारोळी) | पराग देशमुख | 3 | |
| दु:ख अवघा धृवतारा मागते | drsunilahirrao | 12 | |
| दु:ख अवघा धृवतारा मागते | drsunilahirrao | 0 |