कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| तू नभीचा चंद्रमा हो... | सत्यजित... | 0 | |
| तू नभीचा चंद्रमा हो... | सत्यजित... | 0 | |
| समांतर | ओ | 0 | |
| समांतर | ओ | 0 | |
| एकच अमृत घोट मिळावे | निनाव | 0 | |
| एकच अमृत घोट मिळावे | निनाव | 2 | |
| दृष्टीकोन | संदीप-लेले | 0 | |
| दृष्टीकोन | संदीप-लेले | 0 | |
| होऊन आज सूर्य (गझल) | शार्दुल_हातोळकर | 0 | |
| होऊन आज सूर्य (गझल) | शार्दुल_हातोळकर | 14 | |
| माझ्या कवितेची शाई | अनन्त्_यात्री | 9 | |
| माझ्या कवितेची शाई | अनन्त्_यात्री | 0 | |
| शून्य.... | ओ | 0 | |
| शून्य.... | ओ | 0 | |
| किमया | संदीप-लेले | 0 | |
| किमया | संदीप-लेले | 0 | |
| तुझे रंग | परशु सोंडगे | 0 | |
| तुझे रंग | परशु सोंडगे | 4 | |
| रंग | परशु सोंडगे | 2 | |
| रंग | परशु सोंडगे | 0 |