कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
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| झाली...पहाट झाली! | सत्यजित... | 0 | |
| झाली...पहाट झाली! | सत्यजित... | 0 | |
| मला आजवर कधीच रडू आलं नाही निपचित पडलेल्या कलेवरांच | गरजू पाटिल. | 0 | |
| मला आजवर कधीच रडू आलं नाही निपचित पडलेल्या कलेवरांच | गरजू पाटिल. | 1 | |
| मराठी माणसा झोपलाच राहा | अरूण गंगाधर कोर्डे | 0 | |
| मराठी माणसा झोपलाच राहा | अरूण गंगाधर कोर्डे | 1 | |
| (ए, बैठ ना जरासा) | ज्ञानोबाचे पैजार | 0 | |
| (ए, बैठ ना जरासा) | ज्ञानोबाचे पैजार | 8 | |
| II नऊची ती बस खास होती II | सिद्धेश्वर विलास पाटणकर | 0 | |
| II नऊची ती बस खास होती II | सिद्धेश्वर विलास पाटणकर | 0 | |
| ये,बैस ना जराशी... | सत्यजित... | 0 | |
| ये,बैस ना जराशी... | सत्यजित... | 28 | |
| भवताल | चंद्रकांत | 0 | |
| भवताल | चंद्रकांत | 0 | |
| शिवस्तुती | अरूण गंगाधर कोर्डे | 0 | |
| शिवस्तुती | अरूण गंगाधर कोर्डे | 2 | |
| II तो स्पर्शच नवा होता II | सिद्धेश्वर विलास पाटणकर | 0 | |
| II तो स्पर्शच नवा होता II | सिद्धेश्वर विलास पाटणकर | 0 | |
| आठवणींचा पाऊस | निमिष सोनार | 0 | |
| आठवणींचा पाऊस | निमिष सोनार | 0 |