कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| एका उदास संध्याकाळी | पाषाणभेद | 0 | |
| एका उदास संध्याकाळी | पाषाणभेद | 0 | |
| (डबा) | ज्ञानोबाचे पैजार | 8 | |
| (डबा) | ज्ञानोबाचे पैजार | 0 | |
| डबा | Rohini Mansukh | 0 | |
| डबा | Rohini Mansukh | 7 | |
| 'इमॅजिन' (कल्पना कर...) | कुमार जावडेकर | 0 | |
| 'इमॅजिन' (कल्पना कर...) | कुमार जावडेकर | 2 | |
| अनामिक | Rohini Mansukh | 0 | |
| अनामिक | Rohini Mansukh | 1 | |
| एकदा तरी माती व्हावे | पाषाणभेद | 1 | |
| एकदा तरी माती व्हावे | पाषाणभेद | 0 | |
| "शर" | परशु | 0 | |
| "शर" | परशु | 1 | |
| डॉक्टरीणबाई डॉक्टरीणबाई येताय कधी? | Sumant Juvekar | 0 | |
| डॉक्टरीणबाई डॉक्टरीणबाई येताय कधी? | Sumant Juvekar | 0 | |
| मास्तरा- जाशिल कधि परतून? | Sumant Juvekar | 0 | |
| मास्तरा- जाशिल कधि परतून? | Sumant Juvekar | 3 | |
| मास्तरा- जाशिल कधि परतून? | Sumant Juvekar | 3 | |
| मास्तरा- जाशिल कधि परतून? | Sumant Juvekar | 0 |