कथा
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
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| खजुराहो.. शृंगाररसाचे मुक्त प्रदर्शन की एक अनमोल संदेश | विजयश्री अभ्यंकर | 13 | |
| खजुराहो.. शृंगाररसाचे मुक्त प्रदर्शन की एक अनमोल संदेश | विजयश्री अभ्यंकर | 0 | |
| प्रेमाची किमया | स्मिताके | 28 | |
| प्रेमाची किमया | स्मिताके | 0 | |
| 'अमरुशतकातून अष्टनायिकादर्शन' | अरविंद कोल्हटकर | 15 | |
| 'अमरुशतकातून अष्टनायिकादर्शन' | अरविंद कोल्हटकर | 0 | |
| विडंबन - गोष्टी कॉलेजकडील मी वदता | aschinch | 5 | |
| विडंबन - गोष्टी कॉलेजकडील मी वदता | aschinch | 0 | |
| तुमचं काय गेलं: प्रेमातील व्यंगातून जीवनभाष्य। | kiran Dongardive | 5 | |
| तुमचं काय गेलं: प्रेमातील व्यंगातून जीवनभाष्य। | kiran Dongardive | 0 | |
| आर्ट ऑफ डाइंग - मृत्यूवर प्रेम करण्याची कला | सोत्रि | 35 | |
| आर्ट ऑफ डाइंग - मृत्यूवर प्रेम करण्याची कला | सोत्रि | 0 | |
| रागदारी ते भावगीत व्हाया गझल आणि नाट्यगीत | सुधीर कांदळकर | 17 | |
| रागदारी ते भावगीत व्हाया गझल आणि नाट्यगीत | सुधीर कांदळकर | 0 | |
| ..ठाऊक नाही | राघव | 11 | |
| ..ठाऊक नाही | राघव | 0 | |
| अंधविश्वास | बहुगुणी | 13 | |
| अंधविश्वास | बहुगुणी | 0 | |
| सिग्नल्स | भृशुंडी | 17 | |
| सिग्नल्स | भृशुंडी | 0 |